शनिवार, अप्रैल 13

अपनी ग़लती की खबर,
दुसरे की खूबी पे नज़र,
या खुदा, कट जाये यूँ ही,
ज़िन्दगी का सफ़र… 

    उसकी रूह से लिखी गयी थी किताब, इसमें कोई शक़ नहीं, मगर उसे किसी क़ायदे-ओ-क़िताब में बाँधने का, किसी को हक़ नहीं!